Domain Authority और Page Authority क्या है ? संपूर्ण जानकारी | Complete Details – Hindi

आज कल इंटरनेट दुनिया मे प्रतिदिन एक नई वेबसाइट बन कर आती है और हर कोई चाहता है कि उसकी वेबसाइट या ब्लॉग सबसे पॉपुलर सर्च इंजन जैसे – गूगल पर रैंक करें इसलिए नए और पुराने ब्लॉगर  अपनी वेबसाइट की डोमेन ऑथोरिटी और पेज ऑथोरिटी को बिल्ड करने में लगे रहते है|

बहुत से तरीके को अपनाकर ब्लॉगर धीरे- धीरे आगे की तरफ बढ़ते रहते हैं उनका बस एक ही टारगेट होता है की वह अपनी वेबसाइट को गूगल के फर्स्ट पेज में सबसे ऊपर लाये, ऐसे में तो इंटरनेट पर बहुत  सी websites मौजूद हैं लेकिन उनमे से कुछ ही वेबसाइट ज्यादा फेमस होती हैं 

लगभग सभी ब्लॉग्गर्स जो होते है उन्हें सर्च इंजन ओप्टिमाइजेशन के बारे में और उससे रिलेटेड terms के बारे में पता होता है जैसे की डोमेन ऑथोरिटी क्या है? बैकलिंक्स क्या है? , गूगल पेज रैंक क्या है? इत्यादि जिसका इस्तेमाल करके वो अपनी वेबसाइट को गूगल के search engines पर अच्छी तरह रैंक पर ला सकते हैं जिससे उनकी वेबसाइट पर ट्रैफ़िक ज्यादा से ज्यादा आये और इसके जरिये अच्छा इंकम कर सकें।

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डोमेन ऑथोरिटी को किसने बनाया है?

 डोमेन ऑथोरिटी को एक SaaS कंपनी ने वेब मैट्रिक जो Moz के द्वारा बनाया है मोज़ (Moz ) यह तय करता है कि किसी भी वेबसाइट या ब्लॉग को 1 से लेकर 100 की संख्या में कितनी ग्रेड देना है। 1 ग्रेड बहुत ही ख़राब रैंक और 100 बहुत अच्छी रैंक के रूप में होता है डोमेन ऑथोरिटी को Short में DA कहते हैं

डी.ए और SEO एक बहुत  ही इंपोरटेंट फैक्टर होता है जो वेबसाइट को ये शो कराते है की वह सर्च इंजन पर कितने रैंक पर है।

अगर आपकी वेबसाइट का डोमेन ऑथोरिटी जितना ज्यादा रहता है उतना ही ज्यादा रैंकिंग सर्च इंजन में होगा और उतना ही ज्यादा स्ट्रांग  ट्रैफ़िक आपकी वेबसाइट को मिलेगा| प्रत्येक वेबसाइट का डोमेन अथॉरिटी अलग अलग होता है जिसने अपना ब्लॉग नया बनाया है उस ब्लॉग का डी.ए. कुछ महीने बाद उसका डोमेन अथॉरिटी बढ़ने लगेगा आपका डोमेन जितना पुराना होता जाता है उसका डी.ए.बढ़ते जाता है । जरुरी नहीं है की आपकी वेबसाइट ज्यादा पुरानी है तो डोमेन ऑथोरिटी भी ज्यादा होगा ऐसा नहीं होता है आप जॉब तक अपने वेबसाइट पर काम करेंगे और अच्छे डी.ए.वाले वेबसाइट पर अपना बैकलिंक बनाये है तो डी.ए.बिकुल आपकी इनक्रीस होगी तो आप ज्यादा कोसिस करे की हाई प्रोफ़ाइल डोमेन ऑथोरिटी वाले बैकलिंक्स बनाये।

आपकी वेबसाइट पर जितना ज्यादा डी.ए. होगा उतना ही ज्यादा ऑर्गनिक ट्रैफ़िक मिलेगा , लेकिन आप लोगो के मन में यहाँ एक सवाल होगा की हम अपने ब्लॉग या वेबसाइट के डी.ए.का पता कैसे लगा सकते हैं? तो इसके बारे में भी जान लेते हैं की डोमेन ऑथोरिटी कैसे चेक करे?

Domain authority and page authority in Hindi
Woman holding a blank paper sheet with an internet search bar on it

डोमेन ऑथोरिटी को कैसे चेक करें?

इंटरनेट पर बहुत सारे वेब टूल्स मौजूद है जिसका उपयोग कर हमलोग अपनी वेबसाइट का डोमेन ऑथोरिटी कितना है? चेक कर सकते हैं लेकिन सबसे अच्छा डोमेन ऑथोरिटी चेकर टूल का उपयोग करेंगे और Moz ओपन साइट एक्सप्लोरर (Open Site Explorer) एक बहुत ही सब से अच्छा टूल है जहाँ हमलोग अपनी वेबसाइट का लिंक इनपुट करेंगे तो यह टूल आपका latest DA स्कोर क्या है ?आपको दिखा देगा

किसी को भी नहीं पता की एक वेबसाइट या ब्लॉग का DA का रैंक किस आधार पर दिया जाता है? ये ओनली Moz कंपनी को ही पता है जिसने इसका आविष्कार किया है. Moz’s system एक विशेष डोमेन को ranking देने के लिए कम से काम 55 factors को चेक करता हैं जैसे की आपकी वेबसाइट यानि डोमेन कितना पुराना है, आपकी वेबसाइट में कितने links जुड़े हुए हैं, कितने हाई डी.ए. वाली websites से आपकी वेबसाइट लिंक है ? इत्यादि  ऐसे ही 55 factors Moz टीम रैंक देने के लिए चेक करता है.

किसी भी वेबसाइट का डोमेन ऑथोरिटी कभी भी एक जैसा नहीं रहता है यह बढ़ता या फिर घटता है अगर आपकी वेबसाइट का डी.ए. इंक्रिस हो रहा है तो ये आपके लिए काफी बेनिफिट साबित होगा अगर DA घट रहा है तो ये बहुत ही बुरा संकेत है इसके लिए आपको अपने वेबसाइट की डी.ए. (DA )को बढ़ाने की ज्यादा जरुरत है .

डोमेन अथॉरिटी को कैसे बढ़ाएं (How to Increase Domain Authority)

MOZ ने डोमेन अथॉरिटी देने के लिए 40 फैक्टर बनाये है, जो पूरी तरह केवल MOZ को ही पता हैं लेकिन कुछ इसके महत्वपूर्ण फैक्टर निम्नलिखित हैं जिनके द्वारा आप अपने वेबसाइट की डोमेन अथॉरिटी बढ़ा सकते हैं.

1 – बैकलिंक  बनाना

डोमेन अथॉरिटी  का सबसे महत्वपूर्ण फैक्टर लिंक Profile है आपको बैकलिंक जितनी हाई अथॉरिटी वेबसाइट से मिलती हैं, उतना आपके DA का स्कोर भी बढेगा| बैकलिंक बनाने के लिए आप कुछ महत्वपूर्ण Tips आप फॉलो कर सकते है जैसे कि –

  • बैकलिंक हमेशा ऐसी वेबसाइट से बनाना चाहिए जिसका डी.ए. पहले से ही अच्छा हो|
  • Spammy वेबसाइट पर बैकलिंक बनाने से बचें|
  • अपनी निश के Relevant वेबसाइट से ही बैकलिंक बनाए |
  • क्वालिटी  बैकलिंक पर ध्यान दें न कि Quantity of बैकलिंक पर|

2 – इंटरनल लिंकिंग करना

जब एक ही वेबसाइट के किसी एक पोस्ट में दुसरे पोस्ट को लिंक किया जाता है तो उसे इंटरनल लिंकिंग कहते हैं|

इंटरनल लिंक SEO में बहुत महत्वपूर्ण है क्योंकि यह लिंक Juice पास करता है, और साथ ही इंटरनल लिंक करने से यूजर अधिक देर तक वेबसाइट पर रहते हैं, जिससे वेबसाइट का बाउंस रेट भी कम होता है, और डोमेन अथॉरिटी के Increase होने की संभावना बढ़ जाती है|

3 – हाई क्वालिटी (Quality )कंटेंट  लिखना 

अगर आप अच्छी कंटेंट रिसर्च के साथ एक यूनिक और हाई क्वालिटी आर्टिकल लिखते हैं तो आपकी वेबसाइट की SERP (Search Engine Result Page) पर टॉप में रैंक करने की संभावना बढ़ जाती है  क्योकि आप सभी लोग जानते होंगे और  गूगल भी कहता है Content is King

अगर आपका कंटेंट रैंक करेगा तो डोमेन अथॉरिटी में भी सुधार होगा|इसलिए हमेशा अपने ब्लॉग के लिए High वेल्यू कंटेंट  लिखना चाहिए|

4 – वेबसाइट की स्पीड 

वेबसाइट की लोडिंग स्पीड आज के समय में वेबसाइट के रैंकिंग के लिए एक बहुत ही महत्वपूर्ण फैक्टर है, क्योंकि यूजर कभी उस वेबसाइट पर रुकना पसंद नहीं करते हैं जो लोड होने में बहुत समय लेती है, और सर्च इंजन भी ख़राब लोडिंग स्पीड वाली वेबसाइट को महत्व नहीं देते हैं अगर आपकी वेबसाइट जल्दी लोड हो जाती है तो इससे आपके वेबसाइट की रैंकिंग और डोमेन अथॉरिटी दोनों में सुधार होगा|

5 – वेबसाइट को रेगुलर अपडेट करना 

आपको अपनी वेबसाइट को नियमित रूप से अपडेट करते रहना चाहिए, नियमित रूप से नए ब्लॉग पोस्ट डालने चाहिए, पुराने पोस्ट को अपडेट करना चाहिए, इससे वेबसाइट की डोमेन अथॉरिटी में सुधार होगा, और वेबसाइट की रैंकिंग भी इंप्रॉवमेंट होगी|

6 – धैर्य रखना होगा ( Must Important )

हां यह बात एकदम सही है, आप सोचेगे कि आज आपने अपनी वेबसाइट बना दी तो एक दो महीने में आपकी डोमेन अथॉरिटी बढ़ जाएगी लेकिन ऐसा कभी नहीं होगा , जैसे – जैसे आपकी वेबसाइट पुरानी होती जाएगी निश्चित रूप से आपकी डोमेन अथॉरिटी भी बढ़ेगी,  पर यह समय कितना होगा यह आपकी मेहनत पर निर्भर करता है

साथ ही गूगल भी किसी नयी वेबसाइट पर इतना ज्यादा भरोसा नहीं करता है, इसलिए एकदम से किसी वेबसाइट को वह रैंक नहीं कराता हैआपको सर्च इंजन रिजल्ट पेज में अच्छा स्थान पाने के लिए धैर्य रखने की जरुरत है|

वेबसाइट के रैंक करने के लिए DA कितनी होनी चाहिए?

यह सबसे महत्वपूर्ण सवाल है जो अक्सर सभी लोग जानना चाहते हैं कि किसी भी वेबसाइट की रैंकिंग को बढाने के लिए डोमेन अथॉरिटी कितनी होनी चाहिए? आपको बता दूँ यह पूरी तरह निर्भर करता है आप किस निश (Niche) पर काम कर रहे हैं और आपके कंपेटिटर कौन हैं?

माना आप एक ऐसे निश कर काम कर रहे हो जिसमे पहले से ही ऐसी वेबसाइट रैंक कर रही हैं जिनकी डोमेन अथॉरिटी अधिक है तो ऐसे में आपको अपनी वेबसाइट को रैंक कराने के लिए उनसे बेहतर डोमेन अथॉरिटी बनानी होगी

और अगर आप ऐसे निश पर काम करते हो जिसमे वे वेबसाइट रैंक कर रही हैं जिनकी डोमेन अथॉरिटी आपसे कम है तो आप उस निश में आसानी से अपनी वेबसाइट को रैंक करवा सकते हो|

एक वास्तविक जीवन का छोटा सा उदहारण देता हूँ जिससे आप अच्छे से समझ जाओगे –

माना एक कक्षा में 10 बच्चे हैं , जिनमे से एक आप भी हो. और परीक्षा में आपके 80 नंबर आये, 80 नंबर तो आपके लिए बहुत अच्छे हैं पर अगर बाकि 9 बच्चों के भी 80 से ज्यादा नंबर आयेंगे तो आपके नंबर की वेल्यू कम हो जायेगी  मतलब आपके नंबर की कोई वेल्यू नहीं रहेगी उन 9 बच्चों के सामने अगर अन्य बच्चों के 80 से कम नंबर आते हैं  तो आपके नंबर की वेल्यू बढ़ जाएगी और आप कक्षा में पहले स्थान पर रहोगे ठीक इसी प्रकार डोमेन अथॉरिटी भी वेबसाइट की रैंकिंग को प्रभावित करती है .

पेज ऑथोरिटी क्या होती है? 

अगर आप अपनी वेबसाइट का SEO चेक करेंगे तो आप डोमेन ऑथोरिटी और पेज ऑथोरिटी अपनी वेबसाइट के बारे में जान सकेंगे । जिस तरह डोमेन ऑथोरिटी (DA) वेबसाइट की सर्च इंजनों (जैसे- गूगल ) में क्या पोजीशन है किस तरह के स्टेटस है ? इस बारे में जानकारी देती है ठीक उसे प्रकार पेज ऑथोरिटी  [PA] हमारी वेबसाइट के किसी एक पेज के गूगल में रैंक होने की संभावना को बताती है। सरल शब्दों में कहा जाए तो, पेज अथॉरिटी यह बताती है कि हमारी वेबसाइट के किसी इंडिवीडुअल् पेज को गूगल अपने सर्च में कितनी रैंक देता है

डोमेन अथॉरिटी और पेज अथॉरिटी में क्या अंतर है? (DA vs PA)

किसी वेबसाइट की डोमेन ऑथोरिटी और पेज ऑथोरिटी में सबसे पहला कंपरिजन यह है कि डोमेन अथॉरिटी पूरी वेबसाइट के गूगल में रैंक होने की संभावना को शो करता है जबकि पेज अथॉरिटी उसी वेबसाइट के किसी इंडिवीडुअल् पेज की रैंक को बताते है ।

आमतौर पर किसी भी वेबसाइट का पेज अथॉरिटी उसके डोमेन अथॉरिटी से ज्यादा होता है। अधिकतर मामलों में इन दोनों के बीच का कंपरिजन15 से 25 पॉइंट का होता है।

डी.ए (DA) या पी.ए (PA) कौन सा ज्यादा बेहतर है? (Which one is Best)

आमतौर पर डी.ए. और पी.ए. दोनों मेट्रिक्स को लगभग एक ही जैसे मापदंड पर मेज़र किया जाता है लेकिन गूगल में रैंक करने के लिए आपकी डोमेन रेट ज्यादा होनी चाहिए , इसलिए डोमेन ऑथोरिटी को पी.ए से ज्यादा valuable मेट्रिक माना जाता है। इसीलिए यह किसी भी अन्य वेबसाइट मेट्रिक से ज्यादा लोकप्रिय भी है।

 साइट की पेज अथॉरिटी कैसे चेक करें? (Check Page Authority)

वेबसाइट के पेज अथॉरिटी को चेक करने के लिए आप moz के official टूल लिंक् एक्सप्लोरर का उपयोग कर सकते हैं। इसके अलावा अगर आप चाहें तो गूगल में “वेबसाइट  पी.ए चेकर टूल्स ” सर्च करके भी अपनी वेबसाइट की कर्रेंट पेज अथॉरिटी जान चेक कर सकते हैं।

 वेबसाइट की पेज अथॉरिटी कैसे बढ़ाएँ? (How to Increase Page Authority)

अपनी वेबसाइट के पी.ए. को इंक्रिस करने के लिए आपको  कुछ बातों का ध्यान रखना चाहिए-

अपनी वेबसाइट की बैकलिंक प्रोफाइल मजबूत रखें यानि बैकलिंक हाई प्रोफाइल वाले डोमेन अथॉरिटी पर बनाये ताकि आपकी भी वेबसाइट का डी.ए. इंक्रिस हो , नो फॉलो और डू फॉलो दोनों प्रकार के हाइपरलिंकबनाएँ। गलत तरीकों को अपनाकर अपनी वेबसाइट के लिए backlinks नहीं बनाएँ नहीं तो आपकी वेबसाइट ब्लैक हैट seo में चले जायेगी।

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